Ovarian cancer cured Patient : Mrs. Pushplata Vidhate

CANCER (Endoemtrial Carcinoma) curative treatment by Modern Homeopathy……..it is curative line of treatment

Patient: Mrs. Pushpa Vidhate
Age: 70 Years
Diagnosed case : Ovarian Cancer (गर्भाशयाचा कॅन्सर)

Reports of curative treatment

Report – I : Detection of Cancer (26.9.2015) – There is hypodense non-enhancing diffuse mass like lesion in whole of endometrial cavity of size 50×32 mm

Before Modern Homeopathy treatment

Before Modern Homeopathy treatment

Report II : After 2 months Modern Homeopathy treatment (17.12.2015) : diffuse mass like lesion decreased to size 45×27 mm

After Modern Homeopathy treatment

After Modern Homeopathy treatment

Report III : After 5 months Modern Homeopathy treatment (12.02.2016) : diffuse mass measures 35×24 mm

After Modern Homeopathy treatment

After Modern Homeopathy treatment

Report IV : After 7 months Modern Homeopathy treatment (09.04.2016) : Mass lesion measures 10×10 mm
Report V : Sonography Report
17.12.15

Report V : After 8 months Modern Homeopathy treatment (31.05.2016) : No evidence of any mass lesion in uterus.

Modern Homeopathy's successful treatment

Modern Homeopathy’s successful treatment

For More details visit MODERN HOMEOPATHY……the curative line of homeopathic treatment

Liver Cirrhosis cured patient : Mr. Hemant Shitole

Modern Homeopathy‘s successive curative treatment on LIVER.

Published Report’s step-by-step, How it cures by Modern Homeopathy……the curative line of treatment

Before Modern Homeopathy Treatment : Total Bilirubin 28.68

Report – I : Total Bilirubin 28.68

Dated : 25.11.2015

Dated : 25.11.2015

After Modern Homeopathy Treatment

Report – II : Total Bilirubin 16.69

Dated : 02.12.2015

Dated : 02.12.2015

Report – III : Total Bilirubin 12.86

Dated : 05.12.2015

Dated : 05.12.2015

Report – IV : Total Bilirubin 6.93

Dated : 12.12.2015

Dated : 12.12.2015

Report – V : Total Bilirubin 2.81

Dated 19.02.2016

Dated : 19.02.2016

Report – VI : Total Bilirubin 2.15

Dated : 05.04.2016

Dated : 05.04.2016

Total Bilirubin Recovered from 28.68 to 2.15…….Modern Homeopathy is the curative line of homeopathic treatment

Liver cirrhosis cured Patient : Dr. Nilesh Jagtap

Modern Homeopathy‘s successive curative treatment on LIVER.

Published Report’s step-by-step, How it cures by Modern Homeopathy……the curative line of treatment

Report – I Before Modern Homeopathy Treatment: Total Bilirubin 37.50
3.6.15

Report – II Before Modern Homeopathy Treatment: Total Bilirubin 44.01
10.6.15

Report – I After Modern Homeopathy Treatment: Total Bilirubin 10.02
10.7.15

Report – II After Modern Homeopathy Treatment: Total Bilirubin 6.8
27.10.15

Modern Homeopathy……..it is the curative line of homeopathic treatment

HEART disease curative treatment by Modern Homeopathy – II : Dr. Vijaykumar Mane (CEO, Modern Homeopathy)

Modern Homeopathy helps you for Awareness, Guidance and Curative treatment on HEART disease with Dr. Vijaykumar Mane (CEO, Modern Homeopathy). Now you can enjoy Healthy and Happy life with Modern Homeopathy…..it is curative line of treatment for Cancer, Kidney, Liver Cirrhosis, Heart, Diabetes, Nephritic Syndrome, Allergy, Rheumatic Diseases, Arthritis, Asthma, Blood and Brain disorders, Gastro-Intestinal Problems, Chronic failure and other incurable diseases.

HEART disease curative treatment by Modern Homeopathy – 2A : Dr. Vijaykumar Mane (CEO, Modern Homeopathy)

HEART disease curative treatment by Modern Homeopathy – 2B : Dr. Vijaykumar Mane (CEO, Modern Homeopathy)

CANCER : विश्व कैंसर दिवस (4 th February)

CANCER

CANCER

विश्व भर में कैंसर एक ऐसी बीमारी है ,जिसमे सबसे ज्यादा लोगो की मौत होती है | आज विश्व भर में सबसे ज्यादा मरीज इसकी चपेट में है |इसी कारण विश्व स्वास्थ संगठन ने हर साल ४ फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया ,ताकी इस भयावह बीमारी के प्रति लोगो में जागरूकता आए।

विश्व कैंसर दिवस प्रत्येक वर्ष 4 फ़रवरी को मनाया जाता है। आधुनिक विश्व में कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे सबसे ज़्यादा लोगों की मृत्यु होती है। विश्व में इस बीमारी की चपेट में सबसे अधिक मरीज़ हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद कैंसर के मरीजों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। ऐसा माना जा रहा है 2030 तक कैंसर के मरीजों की संख्या 1 करोड़ से भी अधिक हो सकती हैं।

कैंसर एक किस्म की बीमारी नहीं होती, बल्कि यह कई रूप में होता है। कैंसर के 100 से अधिक प्रकार होते हैं। अधिकतर कैंसरों के नाम उस अंग या कोशिकाओं के नाम पर रखे जाते हैं जिनमें वे शुरू होते हैं- उदाहरण के लिए, बृहदान्त्र में शुरू होने वाला कैंसर पेट का कैंसर कहा जाता है, कैंसर जो कि त्वचा की बेसल कोशिकाओं में शुरू होता है बेसल सेल कार्सिनोमा कहा जाता है।विश्व भर में कैंसर एक ऐसी बीमारी है ,जिसमे सबसे ज्यादा लोगो की मौत होती है |

हम सभी के दिल और दिमाग में यह बीमारी मृत्यु के पर्यायवाची के रूप में अंकित हो गई है | अज्ञानता के कारण हम इस बीमारी को सही स्टेज पर नही पहचान पाते ,जिस कारण मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है | यह इतनी भयावह नही , जितना हम मानते है .

हमारा शरीर असंख्य कोशिकाओ से बना है | यह कोशिकाएं आवश्यकता अनुरूप अत्यंत ही नियंत्रित प्रणाली के द्वारा विभाजित होती है और जब आवश्यकता नही होती है ,तब यह विभाजित नहीं होती |

इन्ही कोशिकाओ में कभी आनुवंशिक बदलाव आने से इनकी नियंत्रित विभाजन प्रणाली पूर्णरूप से खत्म हो जाती है और फिर हमारी कोशिकाएं असामान्य रूप से विभाजित होने लगती है ,कोशिकाओ के इस अनियंत्रित विभाजन को हम कैंसर कहते है |

कैंसर शुरुवाती अवस्था में अपने प्राथमिक अंग में रहता है , धीरे -धीरे यह रक्त धमनियों के द्वारा बहकर दूसरे अंगो में फ़ैल जाता है | इस प्रक्रिया को मेटास्टेसिस कहते है ,यह बीमारी इसी कारण होती है |

असल में कैंसर का फैलाव चार चरणो में होता है | पहला स्टेज में कैंसर शुरुवाती अवस्था में अपने प्राथमिक अंग में सिमित रहता है और अंतिम चरण में यह बीमारी शरीर के दूसरे अंगो में फ़ैल जाती है |

विश्व कैंसर दिवस हर वर्ष कुछ विशेष थीम पर मनाया जाता है;

2015 के विश्व कैंसर दिवस का थीम था “हमारे सीमाओं के बाहर नहीं है”।

2016 के विश्व कैंसर दिवस का थीम है “हम कर सकते हैं। मै कर सकता हूँ।”।

कैंसर के मुख्य श्रेणियां

कार्सिनोमा: ऐसा कैंसर जो कि त्वचा में या उन ऊतकों में उत्पन्न होता है, जो आंतरिक अंगों के स्तर या आवरण बनाते हैं।

सारकोमा: ऐसा कैंसर जो कि हड्डी, उपास्थि, वसा, मांसपेशियों, रक्त वाहिकाओं या अन्य संयोजी ऊतक या सहायक में शुरू होता है।

ल्युकेमिया: कैंसर जो कि रक्त बनाने वाले अस्थि मज्जा जैसे ऊतकों में शुरू होता है और असामान्य रक्त कोशिकाओं की भारी मात्रा में उत्पादन और रक्त में प्रवेश का कारण बनता है।

लिंफोमा और माएलोमा: ऐसा कैंसर जो कि प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं में शुरू होता है।
केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र के कैंसर: कैंसर जो कि मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के ऊतकों में शुरू होता हैं।

कैंसर की उत्पत्ति
सभी प्रकार के कैंसर कोशिकाओं में शुरू होते है, जो शरीर में जीवन की बुनियादी इकाई होती हैं। कैंसर को समझने के लिए, यह पता लगाना उपयोगी है कि सामान्य कोशिकाओं के कैंसर कोशिकाओं में परिणत होने पर क्या होता है।

शरीर कई प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ये कोशिकाओं वृद्धि करती हैं और नियंत्रित रूप से विभाजित होती हैं। कोशिकाएं जब पुरानी या क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, तो वे मर जाती हैं और उनके स्थान पर नई कोशिकाएं आ जाती हैं।

हालांकि कभी कभी यह व्यवस्थित प्रक्रिया गलत हो जाती है। जब किसी सेल की आनुवंशिक सामग्री (डीएनए) क्षतिग्रस्त हो जाती है या वे बदल जाती हैं, तो उससे उत्परिवर्तन (म्युटेशन) पैदा होता है, जो कि सामान्य कोशिकाओं के विकास और विभाजन को प्रभावित करता है। जब ऐसा होता है, तब कोशिकाएं मरती नहीं, और उसकी बजाए नई कोशिकाएं पैदा होती हैं, जिसकी शरीर को जरूरत नहीं होती। ये अतिरिक्त कोशिकाएं बड़े पैमाने पर ऊतक रूप ग्रहण कर सकती हैं, जो ट्यूमर कहलाता है। हालांकि सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते, ट्यूमर सौम्य या घातक हो सकता हैं।

सौम्य ट्यूमर: ये कैंसर वाले ट्यूमर नहीं होते। अक्सर शरीर से हटाये जा सकते है और ज्यादातर मामलों में, वे फिर वापस नहीं आते। सौम्य ट्यूमर में कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में नहीं फैलते।

घातक ट्यूमर: ये कैंसर वाले ट्यूमर होते हैं, और इन ट्यूमर की कोशिकाएं आसपास के ऊतकों पर आक्रमण कर सकती हैं तथा शरीर के अन्य भागों में फैल सकती हैं। कैंसर के शरीर के एक भाग से दूसरे फेलने के प्रसार को मेटास्टेसिस कहा जाता है।

ल्युकेमिया: यह अस्थिमज्जा और रक्त का कैंसर है इसमें ट्यूमर नहीं।

कैंसर के कुछ लक्षण
1-स्तन या शरीर के किसी अन्य भाग में कड़ापन या गांठ।
2-एक नया तिल या मौजूदा तिल में परिवर्तन।
3-कोई ख़राश जो ठीक नहीं हो पाती।
4-स्वर बैठना या खाँसी ना हटना।
5-आंत्र या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन।
6-खाने के बाद असुविधा महसूस करना।
7-निगलने के समय कठिनाई होना।
8-वजन में बिना किसी कारण के वृद्धि या कमी।
9-असामान्य रक्तस्राव या डिस्चार्ज।
10-कमजोर लगना या बहुत थकावट महसूस करना।

आमतौर पर, यह लक्षण कैंसर के कारण उत्पन्न नहीं होते। ये सौम्य ट्यूमर या अन्य समस्याओं के कारण पैदा हो सकते हैं। केवल डॉक्टर ही इनके बारे में ठीक-ठीक बता सकते हैं। जिसे भी ये लक्षण या स्वास्थ्य के अन्य परिवर्तन आते हैं, इसका तुरंत पता लगाने के लिए डॉक्टर से दिखाना चाहिए। आमतौर पर शुरुआती कैंसर दर्द नहीं करता यदि आपको कैंसर के लक्षण हैं, तो डॉक्टर को दिखाने के लिए दर्द होने का इंतजार न करें।

by “मॉडर्न होमिओपॅथी…..the curative line of homeopathic treatment”